भारत इंफो : पंजाब के जालंधर में ओमान में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई 23 वर्षीय अंकिता की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। परिजनों के विरोध प्रदर्शन के बाद ट्रैवल एजेंट और एक अन्य महिला के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। युवती की मौत के बाद परिजनों ने बीती देर शाम सड़क पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने ट्रैवल एजेंट जसकरण सिंह और अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की।
ट्रैवल एजेंट के खिलाफ FIR दर्ज
मामले में मृतका की मां मोनिका के बयान के आधार पर थाना 6 में ‘जे.आर. एंटरप्राइजेज’ के ट्रैवल एजेंट जसकरण सिंह और आशा रानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने कहा है कि आगे की कार्रवाई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

सोशल मीडिया विज्ञापन से हुआ संपर्क
मृतका की मां के अनुसार, उन्होंने सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर एजेंट से संपर्क किया था। एजेंट ने शारजाह भेजने का वादा किया, लेकिन बाद में लड़की का वीजा ओमान का लगा दिया। उसे घरेलू काम के लिए भेजने और 30,000 रुपये मासिक वेतन का आश्वासन दिया गया। इसके लिए परिवार ने 71,000 रुपये और पासपोर्ट एजेंट को सौंप दिया।
ओमान पहुंचने के बाद टॉर्चर के आरोप
बताया गया कि 2 अक्टूबर 2025 को अंकिता दिल्ली से ओमान रवाना हुई। वहां पहुंचने के तीन दिन बाद उसका संपर्क टूट गया। बाद में उसने फोन कर बताया कि उससे फोन छीन लिया गया है और उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। इसके बाद कथित तौर पर उसे वापस भेजने के लिए 3.70 लाख रुपये की मांग की गई।
7 महीने तक नहीं मिला वेतन, फिर मौत की खबर
परिजनों का आरोप है कि सात महीने तक न तो बेटी को वेतन मिला और न ही उसकी सही स्थिति की जानकारी दी गई। 24 अप्रैल को उसकी सहेली के जरिए मौत की सूचना मिली। परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।