loader-image
Jalandhar, IN
temperature icon 38°C
Breaking News

घुम्मन के भाई रब्बी बाजवा की CM मान से अपील, ‘पार्क नहीं इंसाफ चाहिए, स्वास्थ्य मंत्री ने क्यों बना नया बोर्ड’

भारत इंफो : जालंधर के मशहूर बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मन की मौत के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश ने पंजाब सरकार और स्वास्थ्य विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया है। हाईकोर्ट द्वारा नए मेडिकल बोर्ड के गठन पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद वरिंदर घुम्मन के भाई हरजिंदर सिंह रब्बी बाजवा ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

नियमों के विरुद्ध जाकर किया गया बोर्ड गठित
रब्बी बाजवा ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि फोर्टिस अस्पताल के प्रबंधन और आरोपी डॉक्टरों को बचाने के लिए नियमों के विरुद्ध जाकर दूसरा बोर्ड गठित किया गया था। सरकार के दोहरे रवैये पर तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ तो सरकार वरिंदर घुम्मन की याद में पार्क और स्टैचू बनवाकर उनकी लेगेसी को संजोने की बात कर रही है।

सीएम मान खुद मामले में दें हस्तक्षेप
रब्बी बाजवा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के जरिए दोषियों को संरक्षण देने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान वे इस मामले में खुद संज्ञान लें और स्वास्थ्य मंत्री से जवाब तलब करें कि आखिर सात विशेषज्ञों वाले पहले बोर्ड की रिपोर्ट आने के बाद नए बोर्ड की जरूरत क्यों पड़ी? उन्होंने सीएम से निष्पक्ष जांच और परिवार के लिए इंसाफ की गुहार लगाई है।

कानूनी चुनौती और हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
यह पूरा कानूनी विवाद तब शुरू हुआ जब घुम्मन के परिजन भूपिंदर सिंह ने एडवोकेट मेहर सचदेव के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दूसरे बोर्ड को चुनौती दी। याचिका में तर्क दिया गया कि जब सात सदस्यीय बोर्ड पहले ही डॉक्टरों को दोषी ठहरा चुका है, तो स्वास्थ्य निदेशक के पास नया बोर्ड बनाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

सरकार को 19 मई तक जवाब देने को कहा
हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा कि आखिर ऐसे कौन से नए तथ्य सामने आए थे जिनके आधार पर दूसरी बार जांच के आदेश दिए गए? हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार से 19 मई, 2026 तक जवाब मांगा है। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि अदालत नए बोर्ड को पूरी तरह रद्द कर देगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *