भारत इंफो : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) इस साल 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 10वीं का परिणाम 14 अप्रैल 2026 के आसपास जारी किया जा सकता है। खास बात यह है कि इस बार CBSE अपनी सालों पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए 12वीं के मुकाबले 10वीं के नतीजे पहले घोषित कर सकता है। अब तक बोर्ड दोनों कक्षाओं के परिणाम या तो एक साथ जारी करता था या फिर 12वीं के नतीजे पहले आते थे, लेकिन बदला हुआ परीक्षा पैटर्न इस बार समीकरण बदल रहा है।
दो चरणों में परीक्षा प्रणाली बनी बदलाव का मुख्य कारण
इस साल से CBSEने 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं को साल में दो बार आयोजित करने का नया नियम लागू किया है। इसके तहत पहले चरण की परीक्षाएं फरवरी और मार्च के महीने में सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी हैं। चूंकि दूसरा चरण मई में होना तय है, इसलिए बोर्ड के लिए पहले चरण का रिजल्ट समय पर जारी करना जरूरी हो गया है।
12वीं के नतीजों में देरी की तकनीकी वजह
जहां 10वीं की परीक्षाएं पहले ही खत्म हो चुकी हैं और उनका मूल्यांकन कार्य अंतिम चरण में है, वहीं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 10 अप्रैल 2026 तक जारी रहेंगी। 12वीं के पेपर देरी से खत्म होने के कारण उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच और डेटा प्रोसेसिंग में अधिक समय लगना स्वाभाविक है। यही कारण है कि बोर्ड ने दोनों कक्षाओं के नतीजों को अलग-अलग समय पर जारी करने का विकल्प चुना है।
रिजल्ट चेक करने के लिए उपलब्ध रहेंगे डिजिटल विकल्प
परिणाम घोषित होने के बाद छात्र सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना स्कोर कार्ड देख सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपना रोल नंबर, जन्म तिथि और स्कूल कोड जैसे विवरण दर्ज करने होंगे। इसके अलावा, बोर्ड ने छात्रों की सुविधा के लिए डिजिलॉकर (DigiLocker) की सुविधा भी प्रदान की है, जहां से छात्र अपनी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं। जो छात्र इंटरनेट की पहुंच से दूर हैं, उनके लिए एसएमएस (SMS) के माध्यम से परिणाम प्राप्त करने की व्यवस्था भी की जाएगी। डिजिटल मार्कशीट को भविष्य में प्रवेश और अन्य कार्यों के लिए आधिकारिक दस्तावेज के रूप में मान्यता दी जाती है।