भारत इंफो : पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता और सीनियर कांग्रेसी नेता प्रताप सिंह बाजवा के लिए कानूनी मोर्चे पर राहत भरी खबर आई है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने राज्य अनुसूचित जाति आयोग (SC Commission) द्वारा बाजवा को जारी किए गए नोटिस पर स्टे लगा दिया है। कोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार को भी नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
जानिए क्या है पूरा मामला
पूरा मामला 7 फरवरी को अमृतसर के जंडियाला में हुई एक रैली से जुड़ा है। मंच से भाषण देते हुए प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ पर तीखा हमला बोला था। बाजवा ने कहा था, “यहां वाला पहले बैंड बजाता रहा है। शायद आपको पता नहीं कि जो बड़ा महकमा उसके पास है, उसमें लूट हो रही है। अब यह बैंड बजाने वाला नहीं रहा, इसने तो पंजाब का ही बैंड बजाना शुरू कर दिया है।”
सड़कों पर उतरा था विरोध, चली थी वाटर कैनन
इस बयान के वायरल होने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे अपमान बताया था। 9 फरवरी को आप कार्यकर्ताओं और नेताओं ने प्रताप बाजवा के आवास का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि पुलिस को प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ की प्रतिक्रिया
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा था कि बैंड बजाकर ईमानदारी से रोजी-रोटी कमाना कोई अपराध या शर्म की बात नहीं है। उन्होंने बाजवा की मानसिकता पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद एससी कमीशन ने इस मामले में नोटिस जारी किया था। अब हाईकोर्ट के स्टे के बाद इस कानूनी कार्रवाई पर फिलहाल रोक लग गई है।