भारत इंफो : अमृतसर श्री हरमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) में अनुशासन और गरिमा को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने सेवादारों की वर्दी में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब स्वर्ण मंदिर में तैनात सुरक्षा सेवा दल के सेवादार विशेष रूप से डिजाइन की गई दो रंगों की वर्दी में दिखाई देंगे। इसमें पीले और गहरे नीले रंग का संयोजन रखा गया है, जो खालसाई रंगों की महत्ता को दर्शाता है। यह बदलाव आधिकारिक रूप से आज यानी 5 फरवरी से पूरी तरह लागू कर दिया गया है।
वर्दी की बनावट में खास चिन्हों का समावेश
नई वर्दी को केवल रंगों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसमें धार्मिक और पारंपरिक प्रतीकों को भी प्रमुखता दी गई है। सेवादारों की वर्दी के कंधों पर अब ‘खंडे’ की विशेष नक्काशी की गई है, जो उनकी विशिष्ट पहचान और सुरक्षा दल की गरिमा को बढ़ाती है।
इसके साथ ही, सभी सेवादार अनिवार्य रूप से सफेद रंग का ‘हजूरिया’ पहने नजर आएंगे। SGPC का मानना है कि इस नई ड्रेस कोड से श्रद्धालुओं को सेवादारों की पहचान करने में आसानी होगी और परिसर के भीतर अनुशासन का स्तर और ऊंचा होगा।
तीन दिनों के ट्रायल के बाद आज से आधिकारिक शुरुआत
SGPC ने का यह फैसला अचानक नहींलिया गया है। इस नई वर्दी का ट्रायल पिछले तीन दिनों से किया जा रहा था ताकि इसकी व्यवहारिकता को जांचा जा सके। ट्रायल सफल रहने के बाद आज इसे औपचारिक रूप से पूरे सुरक्षा दल के लिए अनिवार्य कर दिया गया।
यह 5वीं बार है जब दरबार साहिब के सेवादारों के स्वरूप में इस तरह का औपचारिक बदलाव देखा गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि यह नई व्यवस्था न केवल व्यवस्था को बेहतर बनाएगी, बल्कि दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं के मन में एक गहरा प्रभाव भी छोड़ेगी।