भारत इंफो : कनाडा के सरे शहर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले तीन पंजाबी मूल के युवाओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 21 वर्षीय हरजोत सिंह, 19 वर्षीय तरणवीर सिंह और 21 वर्षीय दयाजीत सिंह बिलिंग के रूप में हुई है।
पुलिस ने न केवल इन तीनों को गिरफ्तार किया है, बल्कि इनकी तस्वीरें भी सार्वजनिक की हैं ताकि अन्य पीड़ित या गवाह सामने आ सकें। सरे पुलिस का मानना है कि इन युवाओं ने इलाके में दहशत फैलाने के उद्देश्य से गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया था।
क्रेसेंट बीच इलाके में दहशत
मामले की शुरुआत रविवार तड़के हुई जब क्रेसेंट बीच इलाके में गश्त कर रहे पुलिस अधिकारियों को एक घर पर फायरिंग होने की सूचना मिली। चश्मदीदों और शुरुआती जांच के अनुसार, इन तीनों आरोपियों ने घर को निशाना बनाकर गोलियां चलाईं और फिर तुरंत एक राइडिंग व्हीकल में सवार होकर मौके से फरार हो गए। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसी दिन घेराबंदी की और तीनों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान फिलहाल कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि वारदात में इस्तेमाल पिस्टल या रिवॉल्वर का पता लगाया जा सके।
फिरौती का नया ट्रेंड और डिपोर्टेशन की तैयारी
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह फायरिंग संभवतः फिरौती (Extortion) वसूलने के लिए की गई थी। अपराधी अक्सर दो तरह से काम करते हैं; या तो पहले धमकी भरा कॉल करके फायरिंग करते हैं, या फिर सीधे फायरिंग करके दहशत पैदा करते हैं ताकि पीड़ित खुद संपर्क करे और पैसे दे दे।
इस मामले में जांच जारी है कि क्या इन्होंने पहले पैसे मांगे थे या यह फायरिंग केवल डराने के लिए की गई थी। सबसे बड़ी कार्रवाई इनके इमिग्रेशन स्टेटस को लेकर की जा रही है। चूंकि ये तीनों कनाडा के नागरिक नहीं हैं, इसलिए पुलिस ने ‘कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी’ (CBSA) को इसकी रिपोर्ट भेज दी है, जिससे इनके निर्वासन यानी डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।