भारत इंफो : लोकसभा में आज उस समय अप्रत्याशित स्थिति पैदा हो गई जब सदन की मर्यादा को ताक पर रखकर किए गए हंगामे के चलते 8 सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।
निलंबित होने वाले सांसदों में पंजाब के दिग्गज नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और गुरजीत सिंह औजला के साथ डीन कुरियाकोस, किरण रेड्डी, मणिकम टैगौर, हिबी इडेन, वेंकेट रमन और प्रशांत पडोले के नाम शामिल हैं।
यह सख्त कदम तब उठाया गया जब कुछ सांसदों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान सदन के भीतर स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज के गोले फेंके, जिसे पीठासीन अधिकारी ने संसदीय गरिमा का गंभीर उल्लंघन माना।
सदन की कार्यवाही के दौरान गतिरोध उस वक्त चरम पर पहुंच गया जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं दी गई। इस घटना के विरोध में समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस सहित समूचे विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया और अन्य सांसदों ने भी आवंटित समय पर बोलने से इनकार कर दिया।
विपक्षी सदस्य वेल में इकट्ठा होकर नारेबाजी करने लगे, जिससे सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। दोपहर तीन बजे जब दोबारा कार्यवाही शुरू हुई तो संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोपी सांसदों के निलंबन का प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन ने ध्वनि मत से पारित कर दिया।
इस बड़े एक्शन के बाद विपक्षी खेमे में भारी नाराजगी देखी जा रही है, जिसके कारण सदन में सामान्य कामकाज संभव नहीं हो सका। पीठासीन अधिकारी ने बार-बार सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की, लेकिन अराजकता को देखते हुए सदन की कार्यवाही अगले दिन यानी बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।