भारत इंफो : बठिंडा में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज विभिन्न किसान संगठनों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जिला मुख्यालय पर एक विशाल सभा के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
बिजली बिल और बीज बिल को लेकर नाराजगी
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के जिला अध्यक्ष शिंगारा सिंह मान ने बताया कि केंद्र सरकार मौजूदा सत्र में 2026 का बिजली बिल और बीज बिल पारित करने की तैयारी में है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल किसानों और आम जनता के हितों के खिलाफ हैं। केंद्र सरकार मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म करने की दिशा में बढ़ रही है, जबकि किसान संगठनों की मांग है कि पुराने मनरेगा को पूरी तरह बहाल किया जाए। इसके साथ ही जेलों में बंद किसान साथियों की तत्काल रिहाई भी प्रमुख मांगों में शामिल है।
बिजली अधिनियम को लेकर चेतावनी
किसान नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नया बिजली अधिनियम लागू किया गया तो लोगों के घरों में अंधेरा छा जाएगा। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2003 का बिजली अधिनियम रद्द कर 1948 वाला बिजली अधिनियम बहाल किया जाए। इस विरोध प्रदर्शन में पंजाब के करीब 90 किसान संगठन शामिल हुए, जो लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।