भारत इंफो : मुख्यमंत्री भगवंत मान के सरकारी आवास पर सोमवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में पंजाब सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। इस बैठक में मुख्य रूप से तहसीलों के विस्तार और जन-कल्याणकारी योजनाओं को गति देने पर चर्चा की गई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य आम जनता को उनके घर के नजदीक प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
बनूड़ सब-तहसील को अपग्रेड करने की मिली मंजूरी
मोहाली जिले के अंतर्गत आने वाली बनूड़ सब-तहसील के निवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को सरकार ने स्वीकार कर लिया है। मंत्री मुंडियां के अनुसार, बनूड़ सब-तहसील को अब अपग्रेड किया जाएगा क्योंकि इसके छोटा होने के कारण लोगों को अपने राजस्व संबंधी कार्यों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अपग्रेडेशन के बाद इस क्षेत्र में 2 कानूनगो, 14 पटवार सर्किल और कुल 40 गांवों को शामिल किया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और तेजी आएगी।
होशियारपुर में ‘हरियाणा’ तहसील का गठन
कैबिनेट ने होशियारपुर जिले के विकास को ध्यान में रखते हुए वहां ‘हरियाणा’ नाम से नई तहसील बनाने का निर्णय लिया है। इस नई तहसील के अधिकार क्षेत्र में 12 पटवार सर्किल और 2 कानूनगो सर्किल शामिल होंगे, जिसके तहत करीब 50 गांवों को जोड़ा गया है। इस फैसले से इस क्षेत्र के ग्रामीणों को अब अपने छोटे-बड़े कामों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और उनके समय व धन की बचत होगी।
भू-राजस्व एक्ट में संशोधन और डिजिटल रिकॉर्ड पर जोर
प्रशासनिक सुधारों की दिशा में आगे बढ़ते हुए पंजाब सरकार ने भू-राजस्व अधिनियम (लैंड रेवेन्यू एक्ट) 1888 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इस संशोधन के बाद अब जमीनों का सारा रिकॉर्ड कंप्यूटर में डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे रिकॉर्ड की जालसाजी पर लगाम लगेगी। इसके साथ ही ‘मेरा घर, मेरा नाम’ योजना को पूरे राज्य में अधिक तेजी से लागू करने का फैसला लिया गया है। इस योजना के नियमों में भी कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं ताकि लोगों को उनके घरों का मालिकाना हक मिलने की प्रक्रिया को और सरल बनाया जा सके।