Tuesday, February 17, 2026
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चंडीगढ़ में ‘झुग्गी वाले’ पर ED का शिकंजा, 150 करोड़ की काली कमाई का आरोप

भारत इंफो : चंडीगढ़ में झुग्गी से उठकर करोड़पति बने फाइनेंसर और प्रॉपर्टी डीलर रामलाल चौधरी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में रामलाल चौधरी और उसके बेटे अमित कुमार के खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। अदालत ने दोनों आरोपियों को पेश होने के लिए नोटिस जारी किए हैं। मामले की सुनवाई 6 फरवरी से ED की स्पेशल कोर्ट में शुरू होगी।

150 करोड़ की अवैध संपत्ति का दावा
ED की करीब तीन साल चली जांच में सामने आया है कि रामलाल चौधरी ने अवैध तरीकों से 150 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति खड़ी की। जांच एजेंसी का दावा है कि उसने फाइनेंस और प्रॉपर्टी के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर करोड़ों की ठगी की। पुलिस कार्रवाई के दौरान उसके पास से BMW और मर्सिडीज जैसी लग्जरी गाड़ियां भी बरामद हुई थीं।

चार साल पहले खुली थी ठगी की परतें
रामलाल चौधरी पहली बार चार साल पहले सुर्खियों में आया था, जब चंडीगढ़ पुलिस ने उसे करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के दो बड़े मामलों में गिरफ्तार किया था। इन्हीं मामलों के आधार पर बाद में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू की थी, जो अब चार्जशीट तक पहुंच चुकी है।

1976 में मजदूर बनकर आया था चंडीगढ़
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक रामलाल चौधरी करीब पांच दशक पहले, वर्ष 1976 में चंडीगढ़ आया था। वह रामदरबार कॉलोनी की झुग्गी में रहता था और शुरुआत में मजदूरी और रेहड़ी लगाकर गुजारा करता था। धीरे-धीरे उसने प्रभावशाली लोगों से नजदीकियां बढ़ाईं और फाइनेंस के कारोबार में उतर गया।

पुलिस और नेताओं से नजदीकी का आरोप
ED की जांच में दावा किया गया है कि रामलाल लोगों को पुलिस और प्रशासनिक मामलों में राहत दिलाने का लालच देकर मोटी रकम वसूलता था। सूत्रों के अनुसार, पुलिसकर्मियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग तक में उसकी भूमिका की चर्चा होती रही। इसी नेटवर्क के जरिए उसने बड़े पैमाने पर अवैध कमाई की।

गुरुग्राम और रेवाड़ी तक फैला ठगी का जाल
गुरुग्राम के कारोबारी अतुल्य शर्मा ने चार साल पहले रामलाल पर 5 करोड़ रुपए की ठगी का आरोप लगाया था। शिकायत में कहा गया था कि निवेश के नाम पर रकम ली गई और फिर लौटाने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद रेवाड़ी के एक रिटायर्ड अधिकारी ने भी विजिलेंस केस में राहत दिलाने के नाम पर 6 करोड़ रुपए की ठगी का आरोप लगाया। इन दोनों मामलों के बाद ही ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच तेज की।

अब संपत्तियों की गहन जांच
ED अब रामलाल चौधरी और उसके परिवार की चल-अचल संपत्तियों की विस्तृत जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि करोड़ों की यह संपत्ति किन-किन रास्तों से अर्जित की गई।

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