भारत इंफो : हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC) से एक बेहद विचलित करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ सोमवार को एक डॉक्टर ने मानवता और पेशेवर मर्यादा की सीमाएं लांघते हुए एक मरीज की जमकर पिटाई कर दी।
बताया जा रहा है कि डॉक्टर केवल इस बात से नाराज हो गया कि मरीज एक खाली बेड पर लेट गया था। गुस्से में आए डॉक्टर ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर मरीज को थप्पड़ मारे, जिसके बाद अस्पताल परिसर में भारी तनाव पैदा हो गया। प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लेते हुए आरोपी डॉक्टर राघव नरूला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
6 घंटे तक चला परिजनों का प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई
मरीज के साथ हुई इस बदसलूकी के बाद उसके परिजन बुरी तरह भड़क गए और उन्होंने अस्पताल परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। परिजनों ने आरोपी डॉक्टर की बर्खास्तगी की मांग को लेकर घंटों नारेबाजी की, जिससे अस्पताल का कामकाज भी प्रभावित हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल और अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा।
करीब छह घंटे तक चले कड़े विरोध और गहमागहमी के बाद प्रशासन ने आरोपी डॉक्टर को सस्पेंड करने का निर्णय लिया। हालांकि, परिजनों का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है और उन्होंने मंगलवार, 23 दिसंबर को शिमला के एसपी (SP) से मिलकर मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करने का ऐलान किया है।
जांच कमेटी का गठन और बर्खास्तगी की चेतावनी
इस पूरे मामले पर आईजीएमसी के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर राहुल राय ने बताया कि मारपीट की घटना को गंभीरता से लेते हुए एक आंतरिक जांच कमेटी बना दी गई है। यह कमेटी चेस्ट फैकल्टी विभाग के एचओडी मलाय सरकार की अध्यक्षता में मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
दूसरी ओर, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने भी इस घटना पर सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार मरीजों के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं करेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि आरोपी डॉक्टर राघव नरूला की सेवाएं फिलहाल निलंबित कर दी गई हैं और जांच रिपोर्ट आने के बाद उन्हें नौकरी से टर्मिनेट करने पर भी विचार किया जा सकता है।