भारत इंफो : जालंधर नगर निगम की हाउस मीटिंग से पहले शहर में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। भाजपा नेताओं ने मीटिंग का विरोध करते हुए नगर निगम ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। आरोप लगाते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि नगर निगम में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है और शहर की मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेता निगम ऑफिस की ओर बढ़ने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।
नगर निगम में भ्रष्टाचार चरम पर- भाजपा
प्रदर्शन कर रहे भाजपा नेताओं का कहना था कि शहर में न सड़कें ठीक हैं और न ही सीवरेज सिस्टम। उन्होंने आरोप लगाया कि करप्शन मुक्त नगर निगम का वादा करने वाले मेयर विनीत धीर अपने वादों पर खरे नहीं उतरे। नेताओं ने कहा कि धरना आयोजित करने का उद्देश्य मेयर और प्रशासन की आंखें खोलना है।
97 लाख की सड़क 3 महीनों में टूटी
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि मास्टर गुरबंता सिंह के नाम पर बनी 97 लाख की सड़क की बुनियाद तीन साल की बताई गई थी, लेकिन केवल तीन महीनों में सड़क 97 जगहों से टूट गई। उन्होंने सवाल उठाया कि पैचवर्क भी टूट चुका है, ऐसे में यह भ्रष्टाचार नहीं तो क्या है। भाजपा नेताओं ने जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की।
पोस्टरों के जरिए नगर निगम पर निशाना
नगर निगम ऑफिस के बाहर भाजपा कार्यकर्ता पोस्टर लेकर खड़े रहे। इन पोस्टरों में लिखा था कि नकली खर्चे दिखाकर नगर निगम में घोटाले किए जा रहे हैं और जनता टूटी सड़कों, फेल सीवरेज, कूड़ा लिफ्टिंग और गंदे पानी की समस्याओं से परेशान है।
पूर्व विधायक शीतल अंगुराल ने भी एक पोस्टर उठाया था, जिस पर लिखा था कि बर्लटन पार्क उद्घाटन के दौरान केजरीवाल को खुश करने के लिए 2 करोड़ का सरकारी फंड क्यों खर्च किया गया। उन्होंने इसे जनता के पैसों का दुरुपयोग बताया।
पुलिस-बीजेपी नेताओं के बीच तनातनी
प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने नगर निगम कार्यालय के सामने बैरिकेडिंग कर रखी थी। लेकिन भाजपा नेताओं पूर्व विधायक शीतल अंगुराल और केडी भंडारी ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने उन्हें रोकते हुए आगे बढ़ने से मना कर दिया।