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दिल्ली ब्लास्ट : आतंकी साजिश का शक, UAPA के तहत मामला दर्ज

भारत इंफो : सोमवार शाम को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली लाल किले के पास एक चलती आई-20 कार में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे देश को दहला दिया है। इस आतंकी घटना में अब तक 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज लोकनायक अस्पताल (LNJP) में चल रहा है। इस धमाके को सुरक्षा एजेंसियां एक आतंकी साजिश के तौर पर देख रही हैं और शुरुआती जांच के बाद दिल्ली पुलिस ने कोतवाली पुलिस स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 16 और 18 के तहत मुकदमा दर्ज किया है, जो सीधे तौर पर आतंकवाद और उसकी सजा से संबंधित हैं। इसके अलावा, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 और 4 भी लगाई गई हैं।

जांच और धाराओं का प्रयोग

धमाके की गंभीरता को देखते हुए, दिल्ली पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और इसे एक आतंकी घटना मानते हुए गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। UAPA की धारा 16 (आतंकवादी कृत्य की सजा) और धारा 18 (आतंकवादी कृत्य की साजिश की सजा) लागू की गई हैं। फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) की टीमें भी घटनास्थल से सबूत जुटा रही हैं।

फरीदाबाद मॉड्यूल और संदिग्धों की पहचान

जांच एजेंसियों को इस मामले में ‘फिदायीन हमले’ का भी शक है और इसके तार फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। जिस कार में धमाका हुआ, वह हरियाणा के गुरुग्राम आरटीओ में पंजीकृत थी और जांच में पता चला है कि यह कार कई बार बेची गई। इसके अंतिम मालिकों में से एक पुलवामा निवासी तारिक नाम का व्यक्ति बताया जा रहा है, जिसे हिरासत में लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, एक संदिग्ध आतंकवादी डॉक्टर उमर मोहम्मद के भी इस कार में सवार होने का शक है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। फरीदाबाद से गिरफ्तार किए गए अन्य संदिग्धों से भी इस मामले के तार जुड़ रहे हैं।

विस्फोटक और घटनास्थल की जांच

जांच में यह खुलासा हुआ है कि विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था। सीसीटीवी फुटेज में कार को घटना से कुछ देर पहले सुनहरी मस्जिद के पास पार्किंग में खड़े देखा गया था, और यह भी जानकारी मिली है कि धमाके के वक्त कार में 3 लोग सवार थे। FSL की प्रारंभिक रिपोर्ट का इंतजार है जिससे विस्फोटक के संबंध में और स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीमें भी दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर घटना के हर पहलू की जांच कर रही हैं।

केंद्र सरकार की निगरानी और सुरक्षा अलर्ट

इस बड़ी आतंकी घटना के बाद केंद्र सरकार भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने घटना के बाद के हालात और जांच पर लगातार नजर बनाए रखी है। गृह मंत्री अमित शाह ने एक उच्च-स्तरीय बैठक भी की, जिसमें आईबी प्रमुख, गृह सचिव और दिल्ली पुलिस आयुक्त सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा कारणों से लाल किला और लाल किला मेट्रो स्टेशन को 13 नवंबर तक के लिए बंद कर दिया गया है।

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