भारत इंफो : जालंधर में पराली जलाने के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने पराली जलाने की घटनाओं को लेकर 26 नोडल अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। डीसी ने कहा कि जब अधिकारियों से आग लगने की घटनाओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
फील्ड में टीमें होने के बावजूद कैसे लगी आग?
डीसी ने अधिकारियों से पूछा है कि जब फील्ड में निगरानी टीमें तैनात थीं, तो पराली जलाने की घटनाएं कैसे हुईं। साथ ही यह भी पूछा गया है कि घटनाओं के दौरान अधिकारी कहां मौजूद थे। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में नोटिस का जवाब नहीं दिया गया, तो संबंधित टिप्पणी अधिकारियों की सर्विस बुक में दर्ज की जाएगी।
राज्यभर में 430 FIR दर्ज
पंजाब में पराली जलाने के मामलों पर कार्रवाई तेज कर दी गई है। अब तक राज्यभर में 430 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 98 मामले तरनतारन जिले से सामने आए हैं। वहीं, जालंधर प्रशासन ने भी जिले में पराली जलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।