भारत इंफो : पंजाब में होने वाले तरनतारन विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। पार्टी ने करनबीर सिंह बुर्ज को अपना प्रत्याशी बनाया है। इस संबंध में कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल की तरफ से औपचारिक पत्र जारी किया गया है।
बुर्ज को तरजीह, अन्य दावेदारों को झटका
कांग्रेस का यह निर्णय कुछ अन्य प्रमुख दावेदारों के लिए झटका माना जा रहा है। इससे पहले चर्चा थी कि कांग्रेस यहां से कारोबारी और समाजसेवी दविंदर सिंह संधू (लाली डाला) को उम्मीदवार बना सकती है। इसके अलावा, हाल ही में अकाली दल छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए अनिल जोशी का नाम भी सामने आ रहा था।
अनिल जोशी के करीबियों के अनुसार, उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से कहा था कि वह अमृतसर नॉर्थ की राजनीति करेंगे और किसी दूसरे विधानसभा क्षेत्र में नहीं जाएंगे। ऐसे में कांग्रेस ने इन दोनों नेताओं की उम्मीदवारी पर विराम लगाते हुए बुर्ज को मैदान में उतारा है।
कौन हैं करनबीर सिंह बुर्ज?
करनबीर सिंह बुर्ज जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेता हैं। वह कांग्रेस किसान सेल के वाइस प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं। बुर्ज का संबंध तरनतारन क्षेत्र से है और वह लगातार स्थानीय मुद्दों व किसान समस्याओं को उठाते रहे हैं। उन्हें पंजाब कांग्रेस के सीनियर नेता प्रताप सिंह बाजवा का समर्थक और करीबी माना जाता है।
AAP भी कर चुकी उम्मीदवार का ऐलान
तरनतारन उपचुनाव में आम आदमी पार्टी ने भी दलबदलू नेता को टिकट देने का फॉर्मूला अपनाया है। CM भगवंत मान ने शुक्रवार को हरमीत संधू को उम्मीदवार घोषित कर दिया। वह अकाली दल छोड़कर AAP में शामिल हुए हैं।
भाजपा ने हरजीत संधू को उतारा है मैदान में
भाजपा ने यहां से हरजीत सिंह संधू को उम्मीदवार बनाया है। वह दिसंबर 2022 से भाजपा तरनतारन के जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। लोकल पॉलिटिक्स व संगठन में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। हरजीत सिंह संधू ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2007 में शिरोमणि अकाली दल के यूथ विंग से की, लेकिन 2022 विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा जॉइन कर ली थी।