भारत इंफो : लुधियाना के दरेसी ग्राउंड का दशहरा हर किसी के लिए अविस्मरणीय बन गया। 125 फुट ऊंचे रावण के पुतले ने न सिर्फ दर्शकों को रोमांचित किया, बल्कि इसे देखने के लिए सुबह से ही शहरवासियों की भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चे रावण के पास जाकर तस्वीरें खिंचवाते नजर आए, तो बुज़ुर्ग इस नज़ारे को अपनी आस्था से जोड़ते दिखाई दिए।
आयोजकों ने ग्राउंड में रामलीला मंचन, सांस्कृतिक झांकियां और विशाल मेला भी लगाया, जिसने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया। झांकियों में भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान के जीवंत दृश्य प्रस्तुत किए गए, जिन्हें देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो उठे। शाम ढलते ही जैसे ही लंका दहन का दृश्य मंचित हुआ, पूरा मैदान “जय श्रीराम” और “सीता माता की जय” के नारों से गूंज उठा। आतिशबाज़ी और पटाखों ने पूरे आसमान को रोशन कर दिया और मानो पूरे लुधियाना को बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दे दिया।
दरेसी दशहरा न सिर्फ़ एक परंपरा है, बल्कि शहर की धड़कन बन चुका है। हर साल की तरह इस बार भी हजारों लोगों ने इसका हिस्सा बनकर यह साबित किया कि चाहे बुराई कितनी भी विशाल क्यों न हो, अंततः जीत सदा अच्छाई की ही होती है।