भारत इंफो : बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म महर्षि वाल्मीकि को लेकर विवाद बढ़ गया है। फिल्म के ट्रेलर में भगवान वाल्मीकि की भूमिका निभाने पर समुदाय ने कड़ा विरोध जताया है। इसी को लेकर समाज के प्रधान मनीष गिल ने पुलिस कमिश्नर को मांग पत्र सौंपा, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
ट्रेलर भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला
वाल्मीकि समाज का कहना है कि FIR में न तो किसी का नाम है और न ही कोई संगीन धाराएं लगाई गई हैं। इससे समुदाय में और रोष है। संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि हर साल महर्षि वाल्मीकि जयंती के आसपास ऐसे विवाद खड़े किए जाते हैं। उनका कहना है कि ट्रेलर में भगवान वाल्मीकि की छवि गलत तरीके से दिखाकर समाज की भावनाओं को ठेस पहुँचाई गई है।
संगठनों ने रखी यह मांग
- ट्रेलर को तुरंत यूट्यूब से हटाया जाए
- फिल्म पर रोक लगाई जाए
- सेंसर बोर्ड में वाल्मीकि समाज का प्रतिनिधि शामिल किया जाए
पुलिस कमिश्नर का आश्वासन
पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने समुदाय को आश्वस्त किया कि यह फिल्म रिलीज नहीं हो रही है और ट्रेलर AI की तरफ से तैयार किया गया है, जिसे किसी व्यक्ति ने वायरल किया है। उन्होंने कहा कि दोषी का पता लगाकर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गूगल पर गलत जानकारी हटाने की मांग
समुदाय ने गूगल पर भगवान वाल्मीकि के इतिहास से जुड़ी गलत जानकारी हटाने की भी मांग की है। इसके अलावा उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने कड़ा कदम नहीं उठाया तो वह हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट तक जाने से पीछे नहीं हटेंगे।
अक्षय कुमार ने दिया स्पष्टीकरण
वहीं इस पूरे मामले पर अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने लिखा कि हाल ही में मुझे एक फिल्म के ट्रेलर के कुछ AI-जनरेटेड वीडियो मिले हैं, जिनमें मुझे महर्षि वाल्मीकि की भूमिका में दिखाया गया है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि ऐसे सभी वीडियो फर्ज़ी हैं और AI का इस्तेमाल करके बनाए गए हैं।
इससे भी बुरी बात यह है कि कुछ न्यूज़ चैनल बिना यह जांचे कि ये असली हैं या फ़र्ज़ी, इन्हें ‘ख़बर’ मान लेते हैं। आज के समय में जब AI के ज़रिए भ्रामक सामग्री तेज़ी से तैयार की जा रही है, मैं मीडिया संस्थानों से अनुरोध करता हूं कि वे जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही उसे रिपोर्ट करें।