भारत इंफो :मध्य-पूर्व की राजनीति को हिलाकर रख देने वाली एक सनसनीखेज खबर सामने आ रही है जिसमें दावा किया गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई अब इस दुनिया में नहीं रहे। प्राप्त विवरण के अनुसार यह हमला शनिवार सुबह इजरायल और अमेरिका के एक साझा सैन्य अभियान के तहत अंजाम दिया गया।
इस ऑपरेशन में इजरायली सेना ने खामेनेई के निजी आवास और उनके आधिकारिक दफ्तर को अपना मुख्य निशाना बनाया और कई शक्तिशाली मिसाइलें दागीं जिससे पूरा परिसर मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।
ईरानी मीडिया द्वारा आधिकारिक पुष्टि और शोक की घोषणा
ईरान के आधिकारिक मीडिया संस्थानों ने इस अत्यंत दुखद और चौंकाने वाली खबर की पुष्टि करते हुए बताया है कि सर्वोच्च नेता अब जीवित नहीं हैं। इस घटना के बाद पूरे ईरान में गहरा सन्नाटा और मातम का माहौल है।
सरकार ने देश के सर्वोच्च पद की गरिमा को देखते हुए 40 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। इसके साथ ही आगामी एक सप्ताह तक ईरान में सार्वजनिक अवकाश का ऐलान किया गया है ताकि राष्ट्र अपने नेता को अंतिम विदाई दे सके।
हमले में परिवार के सदस्य भी हुए हताहत
बताया जा रहा है कि हमला उस समय हुआ जब खामेनेई अपने दफ्तर में मौजूद थे। इस भीषण गोलाबारी की चपेट में न केवल सर्वोच्च नेता आए बल्कि उनके परिवार के अन्य सदस्य भी इसकी बलि चढ़ गए।
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इस हमले में खामेनेई के दामाद, उनकी बहू और उनकी पोती की भी मौके पर ही मौत हो गई है। मलबे के नीचे से शवों को निकालने का काम जारी है और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को अपनी घेराबंदी में ले लिया है।
वैश्विक तनाव और आगामी अनिश्चितता
इस घटना ने पूरे विश्व को स्तब्ध कर दिया है और मध्य-पूर्व में तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है। हमले के बाद ईरान की ओर से संभावित जवाबी कार्रवाई को देखते हुए पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
वैश्विक राजनीति के विशेषज्ञ इस हमले को भविष्य में होने वाले एक बड़े युद्ध के संकेत के रूप में देख रहे हैं क्योंकि ईरान के भीतर सत्ता का मुख्य केंद्र पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। अब दुनिया भर की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ईरान का अगला नेतृत्व इस भारी क्षति के बाद क्या रुख अपनाता है।