भारत इंफो : जालंधर ED ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह तथा उनके बेटे रणइंदर सिंह को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। निर्धारित तारीख पर रणइंदर सिंह जालंधर स्थित ED दफ्तर में पेश नहीं हुए। सूत्रों के अनुसार वे कल अपने पिता के साथ अधिकारियों के सामने पेश हो सकते हैं।
विदेशी संपत्तियों और स्विस खाते का आरोप
पिता-पुत्र पर विदेश में संपत्तियां रखने और स्विस बैंक खाते से जुड़े आरोप हैं। यह मामला 2011 में तब सामने आया था, जब फ्रांस सरकार ने भारत को कथित विदेशी संपत्तियों और बैंक खाते से संबंधित जानकारी साझा की थी। इसके बाद 2016 में लुधियाना में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया।
ट्रस्ट के जरिए करोड़ों की संपत्ति का दावा
जांच एजेंसियों का आरोप है कि कैप्टन परिवार ने ट्रस्ट के माध्यम से ब्रिटेन समेत अन्य देशों में करोड़ों की संपत्तियां बनाई, जिनका विवरण भारत में आयकर विभाग को नहीं दिया गया। साथ ही इन संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल धन के स्रोत की जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसे विदेशी मुद्रा नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है।
आयकर शिकायत से शुरू हुई जांच
शुरुआत में आयकर विभाग ने लुधियाना की अदालत में शिकायत दायर कर आरोप लगाया था कि विदेशी आय और संपत्ति की जानकारी छिपाई गई। इसी आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन की जांच शुरू की।
हाईकोर्ट से जांच को मिली मंजूरी
2006 से जुड़े इस मामले में कई कानूनी पेच रहे, लेकिन सितंबर 2025 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ED को आयकर विभाग द्वारा जुटाए दस्तावेजों और सबूतों की जांच की अनुमति दे दी। फिलहाल कैप्टन अमरिंदर सिंह मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती बताए जा रहे हैं।