भारत इंफो : शिरोमणि अकाली दल के कद्दावर नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया आज नाभा जेल से रिहा हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत दिए जाने के बाद जैसे ही मजीठिया जेल की दहलीज से बाहर आए, वहां पहले से मौजूद उनके हजारों समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और गगनभेदी नारों के साथ उनका स्वागत किया।
रिहाई के बाद भावुक नजर आ रहे मजीठिया ने परमात्मा का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उन पर गुरु साहब की अपार कृपा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मौजूदा सरकार ने उन्हें जितना अधिक दबाने और प्रताड़ित करने की कोशिश की, उन्हें उससे उतनी ही ज्यादा मानसिक और राजनीतिक ताकत मिली है।
मजीठिया की यह रिहाई कानूनी मोर्चे पर उनके लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है। गौरतलब है कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने 25 जून को आय से अधिक संपत्ति के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था, जो करीब 540 करोड़ रुपये की संपत्ति से संबंधित बताया गया था।
2 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने पंजाब सरकार के कड़े विरोध के बावजूद सवाल उठाया था कि मजीठिया को इतने लंबे समय तक जेल में रखने की क्या औचित्य है। अदालत ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि वह पिछले सात महीनों से न्यायिक हिरासत में थे, जिसके बाद उन्हें राहत प्रदान की गई।
जमानत मिलने और जेल से बाहर आने की इस प्रक्रिया के बीच पंजाब की सियासत में भी हलचल तेज हो गई है। रिहाई से ठीक एक दिन पहले डेरा ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर ढिल्लों ने जेल में जाकर मजीठिया से मुलाकात की थी, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया।
इस मुलाकात के तुरंत बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया के जरिए बिना किसी का नाम लिए एक तंज कसा, जिससे साफ जाहिर है कि आने वाले दिनों में मजीठिया की रिहाई को लेकर पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने वाला है।