भारत इंफो, जालंधर
पंजाब में धान की पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने में कथित नाकामी को लेकर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पांच और जिलों के डिप्टी कमिश्नरों (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP) को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसके साथ ही राज्य के नौ जिले आयोग की सीधी कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार को जालंधर, फरीदकोट, बठिंडा, बरनाला और फाजिल्का के अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए। इससे पहले 1 नवंबर को अमृतसर और तरनतारन तथा 3 नवंबर को गुरदासपुर और कपूरथला के DC-SSP को भी नोटिस भेजे गए थे।
आयोग ने जिलों में पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी, मौके पर निरीक्षण और रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों में गंभीर कमियां पाई हैं। 15 सितंबर से 3 नवंबर के बीच इन पांच जिलों में पराली जलाने की 405 घटनाएं सामने आईं। इनमें बठिंडा में 148, बरनाला में 82, फरीदकोट में 66, जालंधर में 57 और फाजिल्का में 52 मामले दर्ज किए गए।
आयोग ने यह भी सवाल उठाया कि आग लगने की घटनाओं के बावजूद कई जिलों में पर्याप्त भौतिक निरीक्षण क्यों नहीं किए गए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई क्यों बरती गई।
इस बीच, दिल्ली की हवा भी लगातार जहरीली होती जा रही है। बुधवार को दिल्ली का औसत AQI 377 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। CAQM ने पंजाब प्रशासन को पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी निगरानी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।