भारत इंफो, चंडीगढ़
पंजाब में सरकारी कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन के आह्वान पर कर्मचारी 5 और 6 नवंबर को दो दिवसीय कलम छोड़ एवं कंप्यूटर बंद हड़ताल करेंगे। इस दौरान विभिन्न सरकारी विभागों में क्लेरिकल कर्मचारियों के कामकाज ठप रहने से आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
यूनियन नेताओं के मुताबिक, कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करना, लंबित महंगाई भत्ते (DA) और बकाया राशि जारी करना, वेतन विसंगतियां दूर करना, बंद किए गए 37 भत्तों को बहाल करना तथा खाली पदों को भरना शामिल है। इसके अलावा कर्मचारियों ने कच्चे और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने, पदोन्नति संबंधी नियमों में सुधार और वेतन संबंधी लंबित मामलों का समाधान करने की मांग भी उठाई है।
यूनियन नेताओं का कहना है कि सरकार के समक्ष कई बार मांगें उठाने और बातचीत के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी कारण कर्मचारियों को दो दिवसीय हड़ताल का फैसला लेना पड़ा है। कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज किया जाएगा।