भारत इंफो, शिमला
हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित प्रतिष्ठित लग्जरी होटल ‘वाइल्डफ्लावर हॉल’ के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी अगले 35 वर्षों तक ओबेरॉय ग्रुप के पास रहेगी। राज्य सरकार ने ई-नीलामी प्रक्रिया के जरिए ईस्ट इंडिया होटल्स लिमिटेड (EIHL) को होटल संचालन का अधिकार दिया है। इस समझौते से हिमाचल प्रदेश सरकार को अगले 35 वर्षों में करीब 2,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि 35 साल की लाइसेंस अवधि में राज्य को लगभग 2,000 करोड़ रुपये की आय होगी। इसके अलावा सरकार को 24 करोड़ रुपये की अग्रिम लाइसेंस फीस मिलेगी, जबकि होटल की संपत्ति में कम से कम 50 करोड़ रुपये का निवेश करना भी अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार इस संपत्ति से राज्य को पहले ही लगभग 400 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि वाइल्डफ्लावर हॉल मामले का समाधान राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार सार्वजनिक संपत्तियों का पारदर्शी, जवाबदेह और व्यावसायिक तरीके से उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रहे विवाद का समाधान होने के बाद अब इस प्रतिष्ठित संपत्ति से राज्य को नियमित और दीर्घकालिक आय प्राप्त होगी।
1902 में हुआ था वाइल्डफ्लावर हॉल का निर्माण
शिमला से लगभग 12 किलोमीटर दूर छराबड़ा में स्थित वाइल्डफ्लावर हॉल ब्रिटिशकालीन विरासत से जुड़ी प्रतिष्ठित संपत्ति है। इसका निर्माण वर्ष 1902 में ब्रिटिश सेना के कमांडर लॉर्ड किचनर ने करवाया था। देवदार के घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच लगभग 100 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली यह संपत्ति देश-विदेश के पर्यटकों के बीच अपने आलीशान आतिथ्य और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है।