भगवंत मान सरकार पर आंदोलनकारियों की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल के इस्तेमाल का लगाया आरोप, कहा- पंजाब को पुलिस राज नहीं, न्याय और जवाबदेही चाहिए
भारत इंफो, मानसा
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष परगट सिंह ने मानसा में चल रहे परविंदर सिंह झोटा इंसाफ मोर्चे में शामिल होकर नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे लोगों के साथ एकजुटता जाहिर की। इस दौरान उन्होंने गांव भम्मे कलां के दलजीत सिंह उर्फ जीतू के परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और परिवार को न्याय की लड़ाई में हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
परगट सिंह ने अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि दलजीत जीतू के परिवार ने नशे के कारण अपने बेटे को खोया है। उन्होंने परिवार के दुख में शामिल होते हुए कहा कि कांग्रेस उनके साथ खड़ी है और न्याय मिलने तक उनका सहयोग किया जाएगा।
अपने पोस्ट में परगट सिंह ने कहा कि पंजाब के एक बेटे को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पिछले 17 दिनों से लोग सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे लोगों के साथ खड़े होने के बजाय भगवंत मान सरकार पुलिस बल का इस्तेमाल करके उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
गौरतलब है कि मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद इंसाफ मोर्चा लगातार जारी है। झोटा को नशा तस्करी के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता था। उनकी हत्या के मामले में न्याय और नशा कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर परिवार और विभिन्न संगठनों ने धरना शुरू किया था।
इसी बीच 27 अक्टूबर को भम्मे कलां निवासी दलजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवार ने आरोप लगाया कि दलजीत की मौत नशे की ओवरडोज के कारण हुई। हालांकि पुलिस ने इस मामले को हत्या के रूप में दर्ज कर जांच शुरू की और परिवार की शिकायत पर तीन लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता जांच से चलेगा।
दलजीत का शव झोटा इंसाफ मोर्चे के धरना स्थल पर ले जाने को लेकर परिवार और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति पैदा हुई थी। पुलिस द्वारा शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई के बाद मामला और गरमा गया। इस घटनाक्रम को लेकर विपक्षी दलों और किसान संगठनों ने भी पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
31 अक्टूबर को आंदोलन और तेज करने की तैयारी
इस बीच झोटा इंसाफ कमेटी ने 31 अक्टूबर को पंजाब सरकार के मंत्रियों और विधायकों के आवासों के बाहर 24 घंटे के धरने का ऐलान किया है। 30 अक्टूबर को किसान, मजदूर, कर्मचारी, विद्यार्थी और अन्य संगठनों की बैठक भी बुलाई गई है, जिसमें आंदोलन की अगली रणनीति पर विचार किया जाना है। परगट सिंह की मोर्चे में भागीदारी और दलजीत जीतू के परिवार से मुलाकात को पंजाब में नशे के मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा सरकार को घेरने की राजनीतिक रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। इससे पहले भी परगट सिंह पुलिस कार्रवाई, नशे के मामलों और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सरकार पर सवाल उठा चुके हैं।