राजविंदर कौर थियाड़ा की छुट्टी, दीपक बाली को बनाया गया प्रभारी
पार्टी की एक घोषणा से धरातल पर आए दिग्गज
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह का हलका है जालंधर छावनी
मनुपाल शर्मा, जालंधर
कोई लंबे अरसे से पार्टी की सेवा कर रहा था, तो कोई सरकार के बेहद करीब था। कोई पार्टी दिग्गजों के साथ फोटो लगाकर बोर्ड लगवा रहा था तो कोई सरकार की तारीफों के पुल बांधते हुए पार्टी में एंट्री कर रहा था। जनता की शिकायतें सुनने को लेकर बैठकें करने में तो कोई भी पीछे नहीं था।
मतलब यह कि आगामी विधानसभा चुनाव की टिकट के अनार के पीछे 100 बीमार थे, लेकिन खुद को टिकट का दावेदार बताने वालों की लंबी कतार को पीछे धकेलते हुए प्रदेश की सत्तासीन आदमी पार्टी (आप) हाईकमान ने विधानसभा क्षेत्र जालंधर छावनी में वीरवार को भारी उलटफेर कर डाला।
आम आदमी पार्टी (आप) ने वीरवार को पंजाब के महासचिव दीपक बाली को राजविंदर कौर थियाड़ा की जगह जालंधर कैंट विधानसभा क्षेत्र का हलका इंचार्ज नियुक्त किया है। बाली पंजाब हेरिटेज एंड टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड के सलाहकार होने के साथ-साथ पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव भी हैं।
पार्टी की एक घोषणा से धरातल पर आए दिग्गज
विधानसभा क्षेत्र जालंधर छावनी से चुनाव लड़ने के लिए इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की पूर्व चेयरपर्सन राजविंदर कौर थियाड़ा और मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर घुम्मण को बाई कह कर पुकारने वाले काकू आहलूवालिया तो कुछ इस कदर अपनी हवा बना रहे थे कि टिकट तो उन्हें ही मिलनी है, लेकिन हलका प्रभारी दीपक बाली को बना दिए जाने के बाद अब लगभग यह माना जा रहा है कि टिकट दीपक बाली को ही मिलनी है। हालांकि टिकट की घोषणा अभी दूर है।
गाडफादर के बिना दिग्गजों का भविष्य भी दांव पर लगा
खुद को टिकट का दावेदार बताने वाले दिग्गजों के लिए अब हलके में अपना भविष्य तलाशना भी एक बड़ी चुनौती बनेगा। राजविंदर कौर थियाड़ा को पहले इंप्रूवमेंट ट्रस्ट जालंधर की चेयरपर्सन पद से हटाया गया और अब हलका प्रभारी का पद भी वापस ले लिया गया। काकू आहलूवालिया कांग्रेस को छोड़कर आप में शामिल हुए थे और राजबीर घुम्मण से नजदीकी के अलावा उनकी हलके में स्थिति कोई ज्यादा मजबूत नहीं थी।
राजविंदर कौर का कभी सीधा संपर्क दिल्ली में था और काकू की नजदीकी घुम्मण के साथ थी। आप में शीर्ष रहने वाले कई दिग्गज अब पार्टी से बाहर हो चुके हैं और घुम्मण सीबीआई की जांच झेल रहे हैं।
पार्टी का कैलकुलेटिव फैसला, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह भी यही हलका
आम आदमी पार्टी हाईकमान की तरफ से विधानसभा क्षेत्र जालंधर छावनी का प्रभारी नियुक्त करने में एक कैलकुलेटिव फैसला लिया गया है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह भी संभवत यही से चुनाव लड़ेंगे और उनके सामने भी एक सशक्त शख्सियत की जरूरत थी। खुद को दिग्गज बताने वाले चाहे यहां से टिकट ले लेते, लेकिन वह एक दायरे तक ही सीमित हो सकते थे। हालांकि तीन बार के विधायक और पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष परगट सिंह के सामने चुनाव लड़ना दीपक बाली के लिए भी एक भारी चुनौती रहेगी।
काका जी न तो घर के रहे, न घाट के…
हलके के ही एक बड़े प्रभावशाली परिवार के काका जी पिछले दिनों पार्टी में शामिल हुए थे और यह भी मान कर चल रहे थे कि अगर ऊपर वाले ने चाहा तो टिकट भी मिल सकती है। इसी सोच के साथ उन्होंने कुछ ही दिन में कई मीटिंग्स भी कर डालीं और सोशल मीडिया पर भी अपने आप को पूरा एक्सपोज किया। परिवार एक अन्य क्षेत्रीय दल से दशकों से जुड़ा हुआ था, लेकिन काका जी ने अलग फैसला ले लिया। पार्टी की तरफ से वीरवार को लिए गए निर्णय के बाद अब भविष्य क्या रहेगा, इसका शायद अब काका जी को भी नहीं पता है।