भारत इंफो : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर में एक निजी स्कूल की छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। दिर कॉलोनी में हुई इस घटना में 20 बच्चों की जान चली गई, जबकि 40 से अधिक लोग घायल बताए गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबे में दबे बच्चों तथा स्कूल कर्मचारियों को निकालने के लिए राहत अभियान शुरू कर दिया।
मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे
हादसे के शुरुआती समाचारों में पेशावर के कैपिटल सिटी पुलिस अधिकारी डॉ. मियां सईद के हवाले से 16 बच्चों की मौत और 40 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, बाद में सामने आई रिपोर्टों में मृतकों की संख्या बढ़ने की जानकारी दी गई।
रॉयटर्स के मुताबिक, एक स्थानीय अस्पताल के प्रवक्ता ने कम से कम 17 बच्चों और एक शिक्षिका की मौत की पुष्टि की। वहीं, पाकिस्तानी अखबार ‘द न्यूज’ की बाद की रिपोर्ट में 21 बच्चों और एक शिक्षिका की मौत की जानकारी दी गई। अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अलग होने के कारण हादसे में जान गंवाने वालों का अंतिम आंकड़ा स्पष्ट नहीं है।
मलबे में दबे बच्चों को निकालने में जुटी बचाव टीमें
स्कूल की छत गिरने के बाद कई बच्चे और कर्मचारी मलबे के नीचे दब गए। हादसे की सूचना मिलते ही बचावकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और मलबा हटाने का काम शुरू किया। टीमें सावधानीपूर्वक मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं।बचावकर्मियों का प्रयास है कि मलबे में दबे किसी भी व्यक्ति को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके। हादसे के बाद घटनास्थल पर राहत कार्य जारी है।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे में घायल हुए लोगों को उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पेशावर के लेडी रीडिंग अस्पताल में घायलों के पहुंचने के बाद आपात व्यवस्था की गई। चिकित्सा कर्मियों ने घायलों को इलाज उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्था संभाली। निजी स्कूल की छत गिरने की घटना से इलाके में चिंता का माहौल है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में छत गिरने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है।