नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने किया गिरफ्तार
भारत इंफो, जालंधर
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पंजाब पुलिस की एंटी-ड्रोन यूनिट में तैनात पंजाब पुलिस के एक कांस्टेबल को 15 किलोग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान करनदीप सिंह के रूप में हुई है, जो तरनतारन जिले के नौशहरा ढाला गांव के निकट का रहने वाला बताया गया है।
एंटी-ड्रोन यूनिट का गठन सीमा पार से ड्रोन के जरिए गिराई जाने वाली नशीले पदार्थों की खेप को पकड़ने के लिए किया गया है। हालांकि, जांच एजेंसियों को संदेह है कि जिस कर्मचारी की जिम्मेदारी नशे की खेप को रोकना थी, वह कथित तौर पर तस्करों की मदद कर रहा था।
नशे की लत और तस्करी नेटवर्क से कथित संबंधों की जांच
जांच अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि आरोपी खुद भी नशे की लत से जूझ रहा था। उस पर कथित तौर पर सीमा पार से संचालित होने वाले नशा तस्करी नेटवर्क को मदद पहुंचाने का आरोप है। एजेंसियां अब उसके बैंक खातों, संपत्तियों, जमीन-जायदाद और अन्य आर्थिक लेन-देन की जांच कर रही हैं। इसके साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कहीं उसका संबंध हेरोइन की पिछली खेपों से तो नहीं था।
रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी के पास दो कारें होने की जानकारी भी सामने आई है। जांच एजेंसियां उसकी संपत्ति और आय के स्रोतों की पड़ताल कर रही हैं, ताकि कथित तस्करी नेटवर्क से उसके संबंधों का पता लगाया जा सके।
पूर्व एआईजी के मामले से भी जुड़ रहे हैं सवाल
यह गिरफ्तारी पंजाब पुलिस के पूर्व एआईजी राजजीत सिंह के आत्मसमर्पण के घटनाक्रम के आसपास भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, राजजीत सिंह नशा तस्करों और पुलिस अधिकारियों के बीच कथित गठजोड़ से जुड़े मामले में कई वर्षों तक घोषित अपराधी रहने के बाद आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
करनदीप सिंह की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाली व्यवस्था के भीतर यदि किसी स्तर पर तस्करी नेटवर्क को संरक्षण मिलता है, तो उसे रोकने के लिए निगरानी और जवाबदेही कितनी प्रभावी है।
फिलहाल मामले में आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। जांच एजेंसियों की पड़ताल से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि 15 किलोग्राम हेरोइन की बरामदगी किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़ी है या नहीं और इस कथित नेटवर्क में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही है।