Wednesday, October 14, 2026
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पंजाब विधानसभा का 13वां सत्र 22 अक्टूबर से शुरू होगा

 

बेअदबी कानून पर बड़ा बिल संभव

भारत इंफो, चंडीगढ़
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की कैबिनेट की सिफारिशों के बाद विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने 16वीं पंजाब विधानसभा का 13वां सत्र बुलाने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। यह सत्र 22 अक्टूबर को सुबह 11:00 बजे से शुरू होकर 27 अक्टूबर तक चलेगा। इससे पहले 10 अगस्त को मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद सदन एक बार फिर जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए इकट्ठा होने जा रहा है।
3 दिन चलेगा विधायी कामकाज, छुट्टियों के कारण प्रभावित रहेगा शेड्यूल
विधानसभा द्वारा जारी अस्थाई कार्यक्रम के मुताबिक भले ही यह सत्र 6 दिनों का है, लेकिन वास्तविक कामकाज केवल 3 दिन ही होगा। 24 और 25 अक्टूबर को वीकेंड (शनिवार-रविवार) की छुट्टी रहेगी, जबकि 26 अक्टूबर को राजपत्रित अवकाश (गजटेड हॉलिडे) होने के कारण सदन की कार्यवाही नहीं चलेगी।
22 अक्टूबर को सत्र के पहले दिन दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि (Obituary references) दी जाएगी, जिसके बाद गैर-सरकारी कामकाज होगा। 23 अक्टूबर को सदन में आधिकारिक कामकाज निपटाया जाएगा। 27 अक्टूबर को सत्र के आखिरी दिन विधायी कार्य होंगे, जिसमें कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पटल पर रखा जाएगा।
बेअदबी कानून में संशोधन और नए बिलों पर टिकी नजरें
इस आगामी सत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार कई बड़े नीतिगत फैसले ले सकती है। सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में कैबिनेट से मंजूर हुए रंजीतगढ़ विकास प्राधिकरण (RDA) बिल को पास कराया जा सकता है। इसके साथ ही, राज्य सरकार द्वारा एंटी-सैक्रिलेज (बेअदबी विरोधी) कानून में कड़े बदलावों से जुड़ा एक अहम संशोधन विधेयक पेश किए जाने की भी मजबूत संभावना है, जिस पर सभी की नजरें टिकी होंगी।

विपक्ष ने कसी कमर, सदन में हंगामे के आसार
दूसरी ओर विपक्षी दल कांग्रेस और भाजपा इस छोटे सत्र के दौरान सरकार को चौतरफा घेरने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। हाल ही में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर मुख्यमंत्री के ओएसडी (OSD) राजबीर घुम्मन व अन्य के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर (FIR) और राज्य में हुई छापेमारी के मुद्दे पर विपक्ष सदन में जोरदार हंगामा कर सकता है। कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर भी सरकार को तीखे सवालों का सामना करना पड़ सकता है।

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