मनुपाल शर्मा, जालंधर : राजनीति में न कोई स्थायी दोस्त होता है और न ही कोई स्थायी दुश्मन। यहां परिस्थितियां, सियासी हित और वक्त की जरूरतें कई बार ऐसे समीकरण बना देती हैं, जिनकी कल्पना भी मुश्किल होती है। पंजाब की मौजूदा राजनीति में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ कांग्रेस और अकाली दल के नेताओं की ओर से लगातार उठाए जा रहे सवालों के बीच अब अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा की सार्वजनिक तौर पर तारीफ की है। इस तारीफ पर खैहरा ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से मजीठिया का आभार जताया है।
एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार के दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया ने सुखपाल सिंह खैहरा की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह विपक्ष में बैठकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। मजीठिया ने अपने और खैहरा के खिलाफ आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में दर्ज मामलों का जिक्र करते हुए दोनों के बीच एक समानता भी रेखांकित की। उनके मुताबिक, दोनों नेताओं के खिलाफ आर्म्स एक्ट, आय से अधिक संपत्ति और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले दर्ज किए गए हैं।
मजीठिया की इस टिप्पणी को पंजाब की मौजूदा सियासत में एक दिलचस्प घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इस सार्वजनिक सराहना को किसी राजनीतिक गठजोड़ या साझा रणनीति का संकेत मानना अभी जल्दबाजी होगी, लेकिन इतना जरूर है कि इसने राजनीतिक चर्चाओं को नया विषय दे दिया है।
खैहरा ने भी जताया आभार
बिक्रम सिंह मजीठिया की तारीफ पर सुखपाल सिंह खैहरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सार्वजनिक तौर पर उनका धन्यवाद किया। खैहरा ने लिखा कि वह पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर उनके काम की सराहना करने के लिए मजीठिया के आभारी हैं। उन्होंने इसके साथ ही आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार, अरविंद केजरीवाल के इशारे पर, उन दोनों के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई कर रही है।
I’m thankful to @bsmajithia for rising above party lines to appreciate my work especially in view of extreme political vendetta inflicted upon us both by @BhagwantMann govt at the behest of @ArvindKejriwal .
Waheguru bless all those standing with Punjab-Khaira
@SachinPilot @INCIndia @INCPunjab @IYC
— Sukhpal Singh Khaira (@SukhpalKhaira) October 9, 2026
खैहरा ने अपने संदेश में ‘पंजाब के साथ खड़े रहने वाले सभी लोगों’ के लिए वाहेगुरु से आशीर्वाद की कामना भी की। उनके इस संदेश से स्पष्ट है कि उन्होंने मजीठिया की टिप्पणी को व्यक्तिगत प्रशंसा से आगे बढ़कर राजनीतिक प्रतिशोध के अपने आरोपों के संदर्भ में पेश किया है।
विरोध की राजनीति में साझा सुर?
पंजाब में कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल भले ही अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं और संगठनों का प्रतिनिधित्व करते हों, लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार को घेरने के मुद्दे पर दोनों दलों के कुछ नेताओं के सुर कई बार एक जैसे सुनाई देते हैं। मजीठिया की ओर से खैहरा की तारीफ और उसके जवाब में खैहरा का सार्वजनिक धन्यवाद इसी राजनीतिक माहौल की एक दिलचस्प कड़ी है।
इस घटनाक्रम का एक पहलू यह भी है कि पंजाब की राजनीति में नेताओं के बीच मतभेदों के बावजूद किसी मुद्दे पर एक-दूसरे की भूमिका की सराहना के लिए जगह बनी हुई है।
अब सवाल यह है कि क्या यह केवल विपक्ष में सक्रिय भूमिका निभाने वाले एक नेता की दूसरे नेता द्वारा की गई सराहना है, या फिर पंजाब की राजनीति में आने वाले दिनों में नए सियासी समीकरणों की कोई जमीन तैयार हो रही है? इसका जवाब तो वक्त देगा, लेकिन मजीठिया और खैहरा के बीच सामने आया यह संवाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय जरूर बन गया है। फिलहाल इतना तय है कि पंजाब की सियासत में राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन जब किसी विरोधी दल का नेता दूसरे दल के नेता की तारीफ करता है, तो उसके सियासी मायने तलाशे जाने लगते हैं।