भारत इंफो : महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े चर्चित मामले में पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी कानूनी राहत मिली है। दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के बाद बृजभूषण शरण सिंह और उनके सहयोगी विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
2023 के पहलवान आंदोलन के बाद दर्ज हुई थी FIR
यह मामला वर्ष 2023 में जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों के विरोध प्रदर्शन के बाद सामने आया था। प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने शिकायतों के आधार पर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की थी। महिला पहलवानों ने आरोप लगाया था कि भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने उनके साथ यौन उत्पीड़न किया।
1,500 पन्नों की चार्जशीट हुई थी दाखिल
दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 15 जून 2023 को करीब 1,500 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी। यह चार्जशीट भारत और विदेश की कुछ महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों और दर्ज शिकायतों के आधार पर तैयार की गई थी।
कोर्ट ने सभी आरोपों से किया बरी
मामले की सुनवाई के बाद राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और रिकॉर्ड पर विचार करते हुए बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी कर दिया। इस फैसले के साथ लंबे समय से चर्चा में रहा यह मामला एक अहम कानूनी मोड़ पर पहुंच गया।