भारत इंफो : जालंधर की मक़सूदा सब्ज़ी मंडी में उस समय दहशत फैल गई जब भाजपा कार्यकर्ताओं के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस विवाद के दौरान गोलियां चलीं, जिसमें युवा भाजपा नेता मोनू पुरी घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और भारी संख्या में पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। घायल मोनू पुरी को तुरंत शहर के आरथोनोवा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।
पुरानी रंजिश और आरोपों का दौर
घटना के पीछे का मुख्य कारण पुरानी रंजिश को बताया जा रहा है। मोनू पुरी के समर्थकों का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने, जो स्वयं भाजपा से जुड़े बताए जा रहे हैं, अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से उन पर जानलेवा हमला किया। कहासुनी के बाद स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आरोपियों ने सीधे गोली चला दी। पुलिस अब इस मामले में शामिल सभी व्यक्तियों के बयानों की सत्यता की जांच कर रही है।
दूसरे पक्ष का पलटवार और खुद को गोली मारने का दावा
वहीं, इस विवाद में दूसरे पक्ष से घायल हुए तरुण नामक युवक ने मोनू पुरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तरुण का कहना है कि मोनू पुरी सुबह से ही कई संदिग्ध और आपराधिक किस्म के युवकों को इकट्ठा करके उन पर हमला करने की फिराक में था। तरुण ने दावा किया कि हाथापाई के दौरान मोनू पुरी ने खुद गोली चलाई, जो गलती से उसके अपने ही पैर में लग गई। उसने आरोप लगाया कि मोनू पुरी अब खुद को पीड़ित दिखाकर उन्हें झूठे केस में फँसाना चाहता है।
पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज पर टिकी निगाहें
मक़सूदा सब्ज़ी मंडी में हुई इस घटना के बाद पुलिस ने इलाके को सील कर दिया है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मंडी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि गोली असल में किसने और किन परिस्थितियों में चलाई। सीसीटीवी आने के बाद यह साफ हो जाएगा कि यह हमला था या फिर हाथापाई के दौरान हुआ कोई हादसा। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की गंभीरता से तफ्तीश कर रही है।