भारत इंफो : दिल्ली से सटे नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी हिंसक बना रहा। इंडस्ट्रियल इलाके में हजारों की संख्या में श्रमिक अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ी। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब और बिगड़ गई जब उत्तेजित भीड़ और सुरक्षाबलों के बीच तीखी झड़प हो गई। गुस्साई भीड़ ने इस दौरान कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए पुलिस के वाहनों को निशाना बनाया और उन पर जमकर पथराव किया, जिससे इलाके में भारी तनाव फैल गया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और फैक्ट्रियों में लटका ताला
बिगड़ते हालात को देखते हुए नोएडा पुलिस और अर्द्धसैनिक बल सुबह 5 बजे से ही पूरे इंडस्ट्रियल सेक्टर में फ्लैग मार्च कर रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए पूरी भीड़ और उपद्रवियों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन की मदद से पैनी नजर रखी जा रही है। हिंसा और तोड़फोड़ की आशंका को देखते हुए आज नोएडा की कई बड़ी कंपनियों ने अपनी फैक्ट्रियां बंद रखने का फैसला किया है, ताकि किसी भी तरह की जनहानि या संपत्ति के नुकसान से बचा जा सके।
: 300 गिरफ्तार और सोशल मीडिया पर डिजिटल स्ट्राइक
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम पर सख्त रुख अपनाते हुए बताया है कि अब तक हिंसा और उपद्रव में शामिल 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने न केवल मौके पर मौजूद उपद्रवियों को पकड़ा है, बल्कि हिंसा भड़काने की साजिश रचने वाले डिजिटल चेहरों की भी पहचान कर ली है। जांच में सामने आया है कि लगभग 50 ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल के जरिए अफवाहें फैलाई गईं और लोगों को हिंसा के लिए उकसाया गया। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाने वाले ग्रुप्स को चिन्हित कर लिया गया है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।