भारत इंफो : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पास्टर अंकुर नरूला और उनकी संस्था की गतिविधियों के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह याचिका तेजस्वी मिन्हास ने दाखिल की थी, जिसमें कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मतांतरण और चमत्कारी इलाज के आरोप
याचिका में दावा किया गया है कि नरूला और उनकी पत्नी द्वारा गंभीर बीमारियों के चमत्कारी इलाज और तथाकथित अभिषेक तेल के नाम पर गरीब और भोले-भाले लोगों को गुमराह कर मतांतरण कराया जा रहा है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश शील नागू की खंडपीठ ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा।
सोशल मीडिया प्रचार और कानून उल्लंघन के आरोप
याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि संस्था YouTube और Facebook जैसे प्लेटफार्मों के जरिए प्रचार करती है और कथित तौर पर भ्रामक दावे करती है, जो कानून का उल्लंघन हो सकता है। आरोप है कि विदेशी नागरिकों को पर्यटक वीजा पर बुलाकर धार्मिक गतिविधियां करवाई जा रही हैं।
विदेशी फंडिंग और निर्माण पर भी सवाल
याचिका में यह भी दावा किया गया कि संस्था को बिना वैध अनुमति विदेशी चंदा मिला है और कुछ वस्तुओं की बिक्री बिना टैक्स बिल के की गई। साथ ही जालंधर के खांबड़ा गांव में बने बड़े चर्च भवन के निर्माण को भी चुनौती दी गई है। नरूला की कार्यप्रणाली कथित तौर पर टीबी जोशुआ से प्रेरित बताई जाती है, जिनकी संस्था पर पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आरोप लगे थे। जोशुआ नाइजीरिया के चर्चित प्रचारक थे।