भारत इंफो : पंजाब के तरनतारन जिले में सरपंच हरबरिंदर सिंह की हत्या के मामले में पुलिस विभाग पर बड़ी कार्रवाई हुई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा इस संवेदनशील मामले की उच्च स्तरीय समीक्षा किए जाने के बाद पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने सख्त कदम उठाया है।
पुलिस एहतियात न अपनाने और लापरवाही बरतने के आरोप में पट्टी के डीएसपी जगबीर सिंह और सरहाली के एसएचओ गुरविंदर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
शादी समारोह के दौरान हुई थी वारदात
सिद्धू फार्म में एक विवाह समारोह के दौरान इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया था। समारोह में शिरकत करने आए सरपंच हरबरिंदर सिंह पर दो अज्ञात हमलावरों ने अचानक गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल सरपंच को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
इसी बीच घटनास्थल पर मौजूद एक अन्य साहसी व्यक्ति ने जब हमलावरों का पीछा कर उन्हें पकड़ने की कोशिश की, तो बदमाशों ने उसके पैर में भी गोली मार दी। घायल व्यक्ति का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है।
डीआईजी और एसएसपी को सौंपी गई निगरानी
इस हत्याकांड को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी गौरव यादव ने फिरोजपुर रेंज के डीआईजी स्नेहदीप शर्मा और तरनतारन के एसएसपी सुरेंद्र लांबा को व्यक्तिगत रूप से इस पूरी जांच की निगरानी करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
पुलिस प्रशासन का मुख्य लक्ष्य इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाना है। अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की शुरुआत डीएसपी और एसएचओ के निलंबन के साथ कर दी गई है।
आपसी रंजिश का अंदेशा, जांच में जुटीं चार टीमें
मामले की तफ्तीश को लेकर तरनतारन के एसएसपी सुरेंद्र लांबा ने बताया कि अब तक की जांच में फिरौती, जबरन वसूली या किसी तरह की धमकी का कोई एंगल सामने नहीं आया है। पुलिस की शुरुआती जांच इस ओर इशारा कर रही है कि यह हत्या किसी पुरानी व्यक्तिगत रंजिश या बदले की भावना का परिणाम हो सकती है।